National

दिल्ली लाल किला ब्लास्ट: 2 किलो अमोनियम नाइट्रेट से विस्फोट तैयार करने का खुलासा

दिल्ली ब्लास्ट मामले की जांच में हर दिन नए तथ्य सामने आ रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, धमाके में 2 किलो से अधिक अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था। इसके साथ ही डेटोनेटिंग मटेरियल का उपयोग भी स्पष्ट हुआ है। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी डॉक्टर उमर मोहम्मद बम तैयार करने में माहिर था और फोरेंसिक रिपोर्ट के अनुसार वह महज 5 से 10 मिनट में विस्फोटक तैयार कर सकता था।

फॉरेंसिक टीम को अब तक 52 से ज्यादा नमूने मिले हैं, जिनसे संकेत मिलता है कि अमोनियम नाइट्रेट को पेट्रोलियम ऑइल और डेटोनेटिंग मटेरियल के साथ मिलाकर विस्फोटक तैयार किया गया था। साथ ही, जांचकर्ता यह भी परख रहे हैं कि क्या लाल किले की पार्किंग में तीन घंटे के दौरान उमर ने यही मिश्रण तैयार किया था। मौके से मिले पतले तार और पेट्रोलियम ऑइल के निशान इस दिशा में जांच को और मजबूत करते हैं।

ब्लास्ट में इस्तेमाल i20 कार के 60% हिस्सों की जांच में विस्फोटक के पुख्ता प्रमाण मिले हैं। जांच एजेंसियां अब पार्किंग में मौजूद हर वाहन की सूची खंगाल रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि कार को खड़ा करते समय उमर के साथ कोई और था या नहीं।

इसके साथ ही, एजेंसियां यह भी जांच कर रही हैं कि गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल गनई का फरीदाबाद के अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़े डॉक्टरों के एक समूह से क्या संबंध था। सूत्रों के अनुसार, विश्वविद्यालय से जुड़े करीब 15 डॉक्टर वर्तमान में लापता हैं, जिन्हें तलाशने के प्रयास जारी हैं।