Religion

आंवला नवमी: आज श्रद्धापूर्वक करें आंवले के पेड़ की पूजा, जानें कथा और मुहूर्त

कार्तिक शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर आज आंवला नवमी का पर्व मनाया जा रहा है। इस दिन आंवले के पेड़ की पूजा का विशेष महत्व है। शास्त्रों में माना गया है कि आंवले के पेड़ के नीचे की गई पूजा हजार यज्ञों के समान फल देती है। पौराणिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु आंवले के पेड़ में निवास करते हैं। भक्त इस दिन श्रद्धा और भक्ति से पूजा करते हैं तो उन्हें आरोग्य, संतान, सौभाग्य और दीर्घायु का वरदान प्राप्त होता है। इस वर्ष आंवला नवमी का शुभ मुहूर्त 31 अक्टूबर 2025 को सुबह 06:32 बजे से लेकर 10:03 बजे तक है। इस समय के दौरान पूजा करना सबसे अधिक फलदायी माना गया है। पूजा के दौरान आंवले की कथा का पाठ करना भी लाभकारी होता है।

कथा के अनुसार, माता लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण के दौरान लोगों के जीवन में सुख-समृद्धि की कमी देखकर चिंतित हुईं। उन्होंने देखा कि तुलसी और बेल दोनों की पूजा एकत्रित रूप में आंवले के पेड़ पर संभव है। तुलसी भगवान विष्णु को प्रिय हैं और बेल का पत्ता भगवान शिव को। माता लक्ष्मी ने विधिपूर्वक आंवले की पूजा की, जल अर्पित किया और दीप प्रज्वलित कर भगवान विष्णु एवं शिव का ध्यान किया। प्रसन्न होकर दोनों देवताओं ने माता लक्ष्मी को आशीर्वाद दिया कि जो श्रद्धा और भक्ति से आंवले की पूजा करेगा, उसके जीवन में दरिद्रता नहीं आएगी। इसके बाद माता लक्ष्मी ने पेड़ के नीचे ही पवित्र भोजन तैयार किया और देवताओं को अर्पित किया। यही परंपरा आज भी हर वर्ष आंवला नवमी पर निभाई जाती है।