हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और हास्य कलाकार गोवर्धन असरानी (Asrani) का 84 वर्ष की आयु में मुंबई में निधन हो गया। वे लंबे समय से बीमार चल रहे थे। परिवार ने उनकी इच्छा के अनुरूप सांताक्रूज़ श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के बाद ही उनके निधन की जानकारी साझा की। डॉक्टरों के अनुसार, फेफड़ों में तरल पदार्थ जमा होना उनकी मृत्यु का कारण बना।
असरानी के निजी सहायक बाबूभाई ने बताया, “उन्हें चार दिन पहले जुहू स्थित भारतीय आरोग्य निधि अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने बताया कि उनके फेफड़ों में पानी भर गया था। सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे उनका निधन हो गया। अंतिम संस्कार शांतिपूर्वक कर दिया गया है।”
परिवार के मुताबिक, असरानी ने अपनी पत्नी मंजू असरानी से कहा था कि उनकी मृत्यु को लेकर कोई बड़ा आयोजन न किया जाए और सब कुछ सादगी से किया जाए। इसी कारण परिवार ने मीडिया को खबर अंतिम संस्कार के बाद ही दी।
🎭 पांच दशक लंबा करियर, 350 से अधिक फिल्में
84 वर्षीय असरानी भारतीय सिनेमा के सबसे प्रिय हास्य अभिनेताओं में से एक थे। उन्होंने 350 से अधिक हिंदी फिल्मों में काम किया और अपनी बहुमुखी प्रतिभा से हर भूमिका को यादगार बनाया।
1975 की सुपरहिट फिल्म ‘शोले’ में उनका ‘जेलर’ का किरदार आज भी दर्शकों की स्मृति में अमर है।
उन्होंने 1970 और 1980 के दशक में राजेश खन्ना के साथ 25 से अधिक फिल्मों में काम किया, जिनमें ‘बावर्ची’, ‘नमक हराम’ और ‘महबूबा’ जैसी हिट फिल्में शामिल हैं। अभिनय के अलावा उन्होंने निर्देशन के क्षेत्र में भी कदम रखा और अपनी अलग पहचान बनाई।
🌿 जीवन और प्रारंभिक सफर
1 जनवरी 1941 को जयपुर (राजस्थान) में जन्मे असरानी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा वहीं से पूरी की। कॉलेज के दिनों में वे ऑल इंडिया रेडियो में वॉइस आर्टिस्ट के रूप में काम करते थे। बाद में उन्होंने भारतीय फिल्म और टेलीविजन संस्थान (FTII), पुणे से अभिनय की ट्रेनिंग ली।
उन्होंने 1967 में फिल्म ‘हरे कांच की चूड़ियां’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया, जबकि 1969 की फिल्म ‘सत्यकाम’ ने उन्हें पहचान दिलाई।
💐 सोशल मीडिया पर श्रद्धांजलि की लहर
असरानी के निधन की खबर से पूरा फिल्म उद्योग शोक में डूब गया है। कई दिग्गज कलाकारों और प्रशंसकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि दी।
खास बात यह रही कि उनके निधन से कुछ घंटे पहले ही उन्होंने दिवाली 2025 की शुभकामनाएं सोशल मीडिया पर साझा की थीं।
भारतीय सिनेमा के इस महान कलाकार ने अपनी हास्य प्रतिभा, संवाद अदायगी और अभिनय से दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ी।
उनकी विरासत आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।









