छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर में शुक्रवार 17 अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक रहा। इस दिन 208 नक्सलियों ने पुलिस के सामने हथियार डालकर मुख्यधारा में लौटने का फैसला किया। यह एक दिन पहले 170 नक्सलियों के आत्मसमर्पण के बाद आया है।
आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को जगदलपुर पुलिस लाइन में एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के समक्ष पेश किया गया।
हथियारों की जब्ती
आत्मसमर्पण करने वालों में माओवादी सेंट्रल कमेटी के सदस्य वासुदेव राव (उर्फ सतीश/रूपेश/विकल्प), दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के सदस्य रनिता और संतु शामिल थे। इसके अलावा 20 से अधिक डिविजनल कमेटी, 30 से अधिक एरिया कमेटी सदस्य और अन्य कैडर भी शामिल रहे।
इनसे कुल 153 हथियार जब्त किए गए, जिनमें शामिल हैं:
- 19 AK-47 राइफल
- 17 SLR
- 23 इंसास राइफल
- 1 इंसास LMG
- 36 .303 राइफल
- 4 कार्बाइन
- 11 BGL लॉन्चर
- 41 12 बोर सिंगल शॉट
- 1 पिस्तौल
नक्सलवाद पर हालात
गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया पर बताया कि छत्तीसगढ़ का अबूझमाड़ और उत्तर बस्तर नक्सल प्रभाव से मुक्त हो गया है, अब केवल दक्षिण बस्तर नक्सल से प्रभावित है।
अमित शाह ने बताया कि जनवरी 2024 से अब तक छत्तीसगढ़ में 2,100 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, 1,785 गिरफ्तार हुए और 477 मारे गए। उन्होंने नक्सलियों को 31 मार्च, 2026 तक मुख्यधारा में शामिल होने का अनुरोध किया है और चेतावनी दी है कि इसके बाद सेना कार्रवाई करेगी।









