केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को नई दिल्ली में आयोजित “भगोड़ों का प्रत्यर्पण: चुनौतियाँ और रणनीतियाँ” सम्मेलन में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का एलान किया। सम्मेलन का आयोजन केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने किया था। शाह ने कहा कि वित्तीय धोखाधड़ी, साइबर अपराध और आतंकवाद जैसी गंभीर गतिविधियों में शामिल भगोड़ों को वापस लाने के लिए सरकार ‘शून्य सहनशीलता’ नीति अपनाएगी।
शाह ने सभा को संबोधित करते हुए कहा, “हमें न केवल भारत में भ्रष्टाचार और आतंकवाद के खिलाफ, बल्कि सीमा पार बैठे अपराधियों के खिलाफ भी निर्मम दृष्टिकोण अपनाना होगा। भगोड़े अपराधियों को वापस लाकर भारतीय कानून के तहत दंडित करना हमारी प्राथमिक जिम्मेदारी है।”
उन्होंने जोर देकर कहा कि अपराधियों को यह भ्रम न रहे कि वे भारतीय कानून की पहुंच से बाहर हैं। इसके लिए ऐसे अपराधियों को न्यायिक, वित्तीय और राजनीतिक सहायता देने वाले तंत्र को भी समाप्त किया जाएगा।
मोदी सरकार का मजबूत कदम
शाह ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने इस दिशा में अचूक कदम उठाए हैं ताकि कोई भी अपराधी कानून की पकड़ से बच न पाए। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 14 अक्टूबर को राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (NSG) ने उत्तर प्रदेश के अयोध्या में अपना सातवाँ ऑपरेशनल हब स्थापित करने की घोषणा की थी, जिससे देशभर में आतंकवाद-रोधी तैयारियों को और मजबूत किया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा, “भ्रष्टाचारियों, आतंकवादियों और साइबर अपराधियों के खिलाफ हमारी नीति स्पष्ट है – कोई भी भगोड़ा बचेगा नहीं। वैश्विक सहयोग, मजबूत समन्वय और स्मार्ट कूटनीति के माध्यम से हम इन अपराधियों को उनके अपराध के अनुसार सजा दिलाएंगे।”









