पंजाब में राज्यसभा उपचुनाव के नामांकन को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. जयपुर के नवनीत चतुर्वेदी पर आरोप है कि उन्होंने आम आदमी पार्टी (AAP) के 10 विधायकों के जाली हस्ताक्षर कर राज्यसभा उपचुनाव के लिए नामांकन दाखिल किया. इस मामले में मंगलवार को पंजाब की रूपनगर पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने चंडीगढ़ पहुंची, लेकिन वहां चंडीगढ़ पुलिस ने नवनीत चतुर्वेदी को सुरक्षा दे दी, जिससे दोनों राज्यों की पुलिस आमने-सामने आ गईं.
घटनाक्रम चंडीगढ़ के सुखना लेक क्षेत्र में हुआ, जहां बहस के बाद चंडीगढ़ पुलिस नवनीत को अपने हेडक्वार्टर ले गई और बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई. नवनीत पर आरोप है कि उन्होंने खुद को “जनता पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष” बताते हुए जाली दस्तावेजों के साथ नामांकन पत्र भरा. उनके नामांकन पत्र पर जिन विधायकों के हस्ताक्षर थे, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई समर्थन नहीं दिया और यह उनके हस्ताक्षर नहीं हैं. सोशल मीडिया पर वायरल हुई हस्ताक्षर की तस्वीरों से यह मामला और गरमाया.
अब नवनीत के खिलाफ कई धाराओं में केस दर्ज किए गए हैं. पुलिस डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्यों की जांच में जुट गई है. राज्यसभा उपचुनाव के लिए अधिसूचना 6 अक्टूबर को जारी हुई थी और 13 अक्टूबर नामांकन की आखिरी तारीख थी. 14 अक्टूबर को नामांकन की जांच की गई. आम आदमी पार्टी ने इस पूरे घटनाक्रम को लोकतंत्र के साथ धोखा बताते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है. यह मामला अब राजनीतिक और कानूनी दोनों ही मोर्चों पर तूल पकड़ चुका है.









