मध्य प्रदेश में कोल्ड्रिफ कफ सिरप से हुई 20 से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले में अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी सख्त रुख अपना लिया है. सोमवार को ED ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत तमिलनाडु की फार्मा कंपनी श्रीसन फार्मास्यूटिकल्स के चेन्नई स्थित 7 ठिकानों पर छापेमारी की. इनमें तमिलनाडु ड्रग कंट्रोल ऑफिस के शीर्ष अधिकारियों के आवास भी शामिल हैं, जिससे जांच का दायरा और व्यापक हो गया है.
ED की यह कार्रवाई इस दिशा में है कि जहरीले कफ सिरप के निर्माण और वितरण में अवैध धन का लेनदेन तो नहीं हुआ. साथ ही मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए काले धन को सफेद करने की आशंका भी जांच के दायरे में है. श्रीसन फार्मा के मालिक जी. रंगनाथन को पहले ही मध्य प्रदेश पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है और वे फिलहाल 10 दिन की पुलिस हिरासत में हैं.
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की जांच में सामने आया कि इस सिरप में जहरीले रसायन पाए गए थे, जिससे बच्चों की किडनी फेल हो गई. इसके बाद कई राज्यों ने इस सिरप पर बैन लगा दिया. अब यह मामला सिर्फ खराब दवा तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि नियामक संस्थाओं की भूमिका, भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच की ओर बढ़ रहा है. ED की यह कार्रवाई दर्शाती है कि इस त्रासदी के पीछे मौजूद पूरा तंत्र उजागर करने की कोशिश की जा रही है. मामला बेहद संवेदनशील और गंभीर हो चुका है.









