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भारत बना डिजिटल विश्वगुरु, अब AI में भी निभाएगा वैश्विक नेतृत्व की भूमिका: एस. जयशंकर

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने ‘ट्रस्ट एंड सेफ्टी इंडिया फेस्टिवल 2025’ में कहा कि भारत पर वैश्विक दक्षिण के देशों की विशेष अपेक्षाएं हैं, क्योंकि वे भारत की डिजिटल सफलता से प्रेरणा लेते हैं. यह आयोजन 2026 में प्रस्तावित एआई इम्पैक्ट समिट की तैयारियों का हिस्सा था. उन्होंने कहा कि आधार, यूपीआई और डिजिटल गवर्नेंस जैसे नवाचारों ने भारत को डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर का वैश्विक मॉडल बना दिया है.

जयशंकर ने कहा कि दुनिया के नेता भारत की डिजिटल उपलब्धियों की सराहना करते हैं और अब यह चर्चा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) तक पहुंच गई है. उन्होंने ज़ोर दिया कि भारत जैसे बड़े लोकतंत्र के लिए “जिम्मेदार एआई” बेहद जरूरी है. इसके लिए उन्होंने तीन कदम सुझाए: स्वदेशी तकनीक और ढांचे तैयार करना, आत्म-मूल्यांकन प्रणाली विकसित करना और ठोस नीति दिशानिर्देश बनाना.

विदेश मंत्री ने कहा कि आज दुनिया परिवर्तन के एक अहम मोड़ पर खड़ी है और एआई भविष्य की दिशा तय करेगा. उन्होंने चेताया कि एआई सिर्फ अवसर नहीं, बल्कि नई चुनौतियां और ताकतें भी लाएगा, जिसे संतुलित और जिम्मेदार नियमन की ज़रूरत होगी. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के शब्दों का हवाला देते हुए कहा—”टेक्नोलॉजी तभी भलाई की ताकत बनती है, जब मानवता उसे सही दिशा देती है.” साथ ही, डिजिटल नागरिकों की सुरक्षा के लिए स्पष्ट “गार्डरेल्स” बनाने पर भी बल दिया.