नई दिल्ली। भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की सातवीं पुण्यतिथि पर पूरा देश उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को ‘सदैव अटल’ स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए कहा कि अटल जी का समर्पण और सेवा भाव आज भी आत्मनिर्भर और विकसित भारत के निर्माण की दिशा में प्रेरणा देता है।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा— “अटल जी को उनकी पुण्यतिथि पर याद करता हूं। भारत की सर्वांगीण प्रगति के लिए उनका समर्पण और सेवा भाव हमें एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रेरित करता है।” उन्होंने कहा कि अटल जी का जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए भी मार्गदर्शन है।
इस मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिड़ला समेत कई केंद्रीय मंत्री और राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता भी स्मारक स्थल पहुंचे। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि वाजपेयी जी ने अपना जीवन एक मजबूत और समृद्ध भारत के निर्माण के लिए समर्पित किया और राष्ट्र उनकी महान सेवाओं को सदैव याद रखेगा।
केंद्रीय मंत्री जे.पी. नड्डा, किरेन रिजिजू, गजेंद्र सिंह शेखावत, जेडीयू सांसद संजय झा और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित कई दिग्गज नेताओं ने भी ‘सदैव अटल’ पर श्रद्धासुमन अर्पित किए।
अटल बिहारी वाजपेयी न सिर्फ एक राजनेता थे, बल्कि कवि और दूरदर्शी विचारक भी थे। अपने वक्तृत्व कौशल और काव्य से उन्होंने राजनीति को मानवीय संवेदनाओं से जोड़ा। वह छह वर्षों तक प्रधानमंत्री रहे और आर्थिक सुधारों को आगे बढ़ाकर भारत को उच्च विकास दर की राह पर ले गए। भाजपा के वह पहले गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री बने, जिन्होंने अपना कार्यकाल पूरा किया।
25 दिसंबर 1924 को ग्वालियर में जन्मे वाजपेयी जी ने संसद से लेकर आमजन के दिलों तक अमिट छाप छोड़ी। उनका स्मारक ‘सदैव अटल’ उनकी उसी विरासत का प्रतीक है, जो भारतीय लोकतंत्र, राष्ट्रभक्ति और काव्य को एक सूत्र में पिरोता है। उनकी पुण्यतिथि पर उमड़ी श्रद्धांजलि यह साबित करती है कि उनका योगदान और स्मृति सदैव जीवित रहेगी।









