पंचकूला में आयोजित 38वें वसंत उत्सव का शुभारंभ हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि वसंत उत्सव गौरव और खुशी का प्रतीक है, जो संस्कृति, प्रकृति प्रेम और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। इस वर्ष पहली बार उत्सव का आयोजन तीन दिनों तक किया जा रहा है और इसे Surajkund International Crafts Mela की तर्ज पर सजाया गया है। उत्सव के दौरान एशिया के सबसे बड़े कैक्टस गार्डन को भी आम जनता के लिए खोल दिया गया है और विभिन्न प्रतियोगिताओं के माध्यम से इसे और आकर्षक बनाया गया है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि आज दुनिया ग्लोबल वार्मिंग और प्रदूषण जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनका समाधान प्रकृति के संरक्षण में ही निहित है। उन्होंने बताया कि हरित क्षेत्र बढ़ाने, जल संरक्षण और जैव विविधता को सुरक्षित रखने के लिए राज्य सरकार कई योजनाएं चला रही है। प्रदेश में अब तक 20 ऑक्सीवन स्थापित किए जा चुके हैं, जबकि Aravalli Hills के गुरुग्राम क्षेत्र में दुनिया की सबसे बड़ी जंगल सफारी विकसित करने की योजना पर काम जारी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2026-27 के बजट में पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं और Haryana State Agro Forestry Policy लागू की गई है ताकि वृक्ष आवरण बढ़ाने के साथ प्लाईवुड उद्योगों को भी प्रोत्साहन मिल सके। इसके अलावा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पंचायत और सार्वजनिक भूमि पर बड़े स्तर पर पौधारोपण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि Karnal में वन विभाग की 100 एकड़ भूमि पर लगभग 50 करोड़ रुपये की लागत से डियर पार्क भी बनाया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने का संकल्प लेने की अपील करते हुए कहा कि पंचकूला का वसंत उत्सव आने वाले वर्षों में और अधिक भव्य रूप लेकर देशभर में अपनी अलग पहचान बनाएगा।









