भारतीय सेना ने सीमाओं पर निगरानी क्षमता को नई ऊंचाई देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सेना ने बेंगलुरु स्थित NewSpace Research & Technologies से 168 करोड़ रुपये में सोलर पावर्ड ड्रोन सिस्टम MAPSS (Mobile Autonomous Persistent Surveillance System) खरीदने का करार किया है। यह पहली बार है जब भारतीय सेना ने इस तरह का सोलर आधारित UAV सिस्टम शामिल किया है। MAPSS ड्रोन 26,000 फीट से अधिक ऊंचाई पर उड़ान भरने और 24 घंटे से ज्यादा लगातार मिशन पर रहने में सक्षम है। यह दिन में सोलर एनर्जी से खुद चार्ज होता है और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन के जरिए बिना शोर लंबे समय तक उड़ान जारी रख सकता है।
यह ड्रोन सीमाओं पर चुपचाप निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने, इलेक्ट्रॉनिक इंटेलिजेंस और कम्युनिकेशन रिले जैसे अहम काम करेगा। हिमालयी दुर्गम इलाकों से लेकर रेगिस्तानी सीमाओं तक यह प्रभावी निगरानी में सक्षम माना जा रहा है। यह सौदा ऐसे समय हुआ है जब भारत को एक साथ LAC पर चीन की गतिविधियों और LOC पर पाकिस्तान की घुसपैठ व ड्रोन चुनौती से निपटना पड़ रहा है। लद्दाख और अरुणाचल जैसे क्षेत्रों में यह ड्रोन चीन की हर हलचल पर लगातार नजर रख सकेगा, वहीं LOC पर घुसपैठ और तस्करी गतिविधियों पर भी साइलेंट मॉनिटरिंग करेगा।









