आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में तनाव, गलत खानपान और शारीरिक निष्क्रियता ने कई स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दिया है। इसी बीच योग और प्राणायाम एक सरल और प्रभावी उपाय के रूप में उभरे हैं। योग गुरु बाबा रामदेव हमेशा कहते हैं कि यदि व्यक्ति अपने शरीर को नियमित समय दे तो दवाइयों पर निर्भरता कम हो सकती है। ऐसे में कपालभाति प्राणायाम एक ऐसा आसान और असरदार तरीका है, जो कई बीमारियों को दूर करने में मदद कर सकता है।
कपालभाति प्राणायाम के फायदे
कपालभाति एक श्वास प्रैक्टिस है जिसमें तेज़ी से सांस छोड़ते और पेट को अंदर खींचते हैं। इसे नियमित रूप से करने से शरीर के भीतर जमा टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और पाचन तंत्र मजबूत होता है।
कौन-कौन सी बीमारियों में मदद मिलती है:
वजन नियंत्रण और मोटापे पर असर:
कपालभाति प्राणायाम पेट की मांसपेशियों को सक्रिय करता है, जिससे फैट बर्न होता है और वजन नियंत्रित रहता है। इसके साथ संतुलित आहार लेना भी जरूरी है।
ब्लड शुगर नियंत्रण:
यह प्राणायाम अग्न्याशय (पैंक्रियास) की बीटा सेल्स को सक्रिय करता है, जिससे इंसुलिन की संवेदनशीलता बढ़ती है और ब्लड शुगर संतुलित रहता है।
पाचन तंत्र को मजबूत बनाना:
पेट की मांसपेशियों की सक्रियता से पाचन शक्ति बढ़ती है। कब्ज, गैस और एसिडिटी जैसी समस्याओं में राहत मिलती है।
लीवर और फैटी लिवर की देखभाल:
कपालभाति मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है, ब्लड सर्कुलेशन को सुधारता है और शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकालने में मदद करता है।
कपालभाति प्राणायाम करने का तरीका
जमीन पर सीधे बैठें और पीठ को सीधा रखें।
गहरी सांस लें और पेट को अंदर खींचते हुए नाक से जोर से सांस बाहर छोड़ें।
सांस छोड़ते ही पेट को ढीला छोड़ दें, जिससे सांस अपने आप अंदर आ जाए।
इसे 20-25 बार दोहराएं और धीरे-धीरे समय बढ़ाते हुए 20-30 मिनट तक करें।
नियमित अभ्यास से न सिर्फ शरीर में ताजगी आती है, बल्कि मानसिक शांति भी बढ़ती है। यह सरल योग तकनीक आपके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने का एक असरदार तरीका है।
Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारी, सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं. न्यूज़फ्लिक्स भारत इसकी पुष्टि नहीं करता है. कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें.









