भारतीय तटरक्षक बल (ICG) अपनी समुद्री क्षमताओं को और मजबूत करने के लिए 14 नए फास्ट पेट्रोल वेसल (FPV) के निर्माण में महत्वपूर्ण प्रगति कर रहा है। मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (MDL) में FPV-4 की कील लेइंग और FPV-7 की प्लेट कटिंग की गई, जो इस प्रोजेक्ट में बड़े माइलस्टोन के रूप में देखी जा रही हैं। इस अवसर पर तटरक्षक बल के वरिष्ठ अधिकारी और MDL के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
ये सभी नए जहाज लगभग 340 टन के होंगे और वाटर-जेट प्रोपल्शन तकनीक से लैस होंगे। इन्हें विशेष रूप से तटीय सुरक्षा, सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन और कानून व्यवस्था बनाए रखने जैसे अहम कार्यों के लिए डिजाइन किया गया है। जहाजों में अत्याधुनिक तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जिसमें AI आधारित प्रेडिक्टिव मेंटेनेंस सिस्टम, मल्टी-पर्पज ड्रोन और स्वदेशी गियर बॉक्स और वाटर जेट सिस्टम शामिल हैं।
इस प्रोजेक्ट में स्वदेशी तकनीक पर विशेष जोर दिया गया है। मैसूर की Triveni कंपनी और MJP India जैसी भारतीय कंपनियों ने इसमें अहम योगदान दिया है, जिससे देश के रक्षा निर्माण क्षेत्र को भी मजबूती मिलेगी। यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ के मिशन को आगे बढ़ाने में मददगार साबित होगी।
इन 14 नए फास्ट पेट्रोल वेसल के शामिल होने से भारतीय तटरक्षक बल की हिंद महासागर क्षेत्र में मौजूदगी और निगरानी क्षमता में बढ़ोतरी होगी। इसके साथ ही तटीय इलाकों की सुरक्षा और समुद्री कानून व्यवस्था भी और मजबूत होगी। FPV-4 की कील लेइंग और FPV-7 की प्लेट कटिंग इस प्रोजेक्ट की निर्माण प्रक्रिया में तेजी और ठोस प्रगति का संकेत देती हैं। इस तरह, भारत अपने समुद्री क्षेत्र की सुरक्षा में नए आधुनिक उपकरणों के साथ आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।









